दीपावली फिर टल गई

सामान्य

दीपावली फिर टल गई
(a poem by ravi kumar, rawatbhata)

deep

आफ़ताब का दम भरने वाले
दिए की लौ से खौफ़ खा गए

आखिर ब्लैकआउट के वक्त
उनके ही घर से
रौशनी के आग़ाज़ का जोखिम
वे कैसे उठा सकते थे

आफ़ताब के सपने संजोती
उनकी ओर ताक रही निगाहें
नागहां बौखला गईं
और चूल्हों की आंच को
राख में रपेट दिया गया

दीपावली
एक बार फिर टल गई

०००००
रवि कुमार

आफ़ताब – सूर्य, आग़ाज़ – शुरूआत, नागहां – अचानक

13 responses »

  1. आखिर ब्लैकआउट के वक्त
    उनके ही घर से
    रौशनी के आग़ाज़ का जोखिम
    वे कैसे उठा सकते थे
    रोशनी के खिलाफ अन्धेरो की साजिश और दिवाली को तो टलना ही था.
    असर करती — नश्तर सी

  2. बढ़िया…

    सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
    दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
    खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
    दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

    सादर

    -समीर लाल ‘समीर’

  3. आफ़ताब का दम भरने वाले
    दिए की लौ से खौफ़ खा गए

    उनके पास आफ़ताब तो क्या, गर्म राख तक न होगी ! कब तक मकार लोग लोगों को झूठी तसल्ली दे सकते हैं ! आखिर इस दिए की लौ ने ही अवाम की सेवा करनी है. यही दीपक अवाम से अपने जलने का तेल लेंगे और बदले में उन्हें उस ज्ञान और चेतना से जानकर कराएँगे और लोग (मेहनतकश) इस रहस्य से पर्दा उठा देंगे की उनके पास आफ़ताब है.

  4. दीपावली पर बेहतरीन प्रविष्टि. आपकी इस प्रविष्टि को चिट्ठाचर्चा में आद्योपांत उद्घृत किया है. उम्मीद है, अनुमति प्रदान करेंगे.

  5. आफ़ताब के सपने संजोती
    उनकी ओर ताक रही निगाहें
    नागहां बौखला गईं
    और चूल्हों की आंच को
    राख में रपेट दिया गया

    दीपावली
    एक बार फिर टल गई

    सृजन की हर संभावना को ऐसे ही टाला जा रहा है,
    हर जलते हुउ हुउए अंगारे को बर्फ में ढाला जा रहा है ….अच्छी दिशा-प्रस्तुति

  6. हम कुछ कहें
    आफ़ताब को
    दीया दिखनेवाली बात होगी.
    हर बार की तरह
    इस बार भी अच्छा ..अच्छा…अच्छा..
    बहुत अच्छा .
    दीवाली रूकती कहाँ है ..
    हर साल आती है और
    निकल जाती है
    हम केवल बुझे दीये
    समेंटने में लगे रहते हैं .
    ०० राकेश ‘सोहम’

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s