भगतसिंह – हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली

सामान्य

हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली
( a poster on bhagatsingh by ravi kumar, rawatbhata)

हवा में रहेगी मेरे ख़्याल की बिजली

ये मुश्ते ख़ाक है फ़ानी रहे या ना रहे

bhagatsingh

०००००००००

रवि कुमार

11 responses »

  1. कल कई दिन मनाये गए, विश्व पर्यटन दिवस, विश्वा हार्ट दिवस, महानवमी और इन्कलाब दिवस… कुछ और भी हों तो याद नहीं… न्यूज़ रूम में इतना भी पता चला… पहले के तीन दिवस जागरूकता से मनाये गए… लेकिन इन्कलाब दिवस के बारे में कम लोग ही जानते थे… वज़ह तलाश रहा हूँ… अब बोल दूंगा तो आग लग जायेगी… कुछ नर्म शब्द खोज रहा हूँ… तब तक के लिए तक्लिया…

  2. भगत सिंह की दूरदर्शिता ही थी
    की अंतिम लडाई शोषण के खिलाफ है
    चाहे वो किसी के द्वारा किसी के लिए हो

    मैं नमन करता हूँ भगत सिंह को ओर उनके विचारों के
    आपने उनके विचारों को यहाँ भी पढ़वाया उसके लिए धन्यबाद
    आप ऐसे ही अपने ब्लॉग पर
    भगत सिंह के विचारों पर पोस्टर बनाकर हमें पढ़वाते रहे
    मैं आपका शुक्र गुजार रहूँगा
    आपका पुनश्च धन्यबाद

  3. Me first to appko sache dil se thanks bol rha hu…..kyunki bhagat shing mere roll modal hei..aor appne enke liye jo v poem ke dwara likh rhe hei..kabile tareef hei…aor…appke liye duaa krunga isi trha app likhte rehenge..nd..humare real hero ko poem ke dwara humesha dil ke krib rkhoge……bhagat shing ke liye me kuch bolunga nhi..coz me apne app ko itna kabil nhi smzta ki unki kuch words me tareef kr sku…bs..itna….hee..wo devi hei lakho me ..jis maa ne tumhe janam diya……….jai bharat..

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s